गुरु पूर्णिमा एवं रीड-अ-थॉन कार्यक्रम: ज्ञान, गुरु और पठन संस्कृति का उत्सव

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कालेड़ में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर रीड-अ-थॉन कार्यक्रम का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री धर्मेंद्र कुमार सैनी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए और बताया कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन में सही दिशा भी प्रदान करते हैं। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और गुरु पूर्णिमा हमें अपने गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है।

इसके पश्चात आयोजित रीड-अ-थॉन में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रेरणादायक पुस्तकों, कहानियों, जीवनियों एवं ज्ञानवर्धक साहित्य का सामूहिक पठन किया। इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों में नियमित अध्ययन की आदत विकसित करना, भाषा कौशल को सुदृढ़ करना तथा पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाना था। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और लगन के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री धर्मेंद्र कुमार सैनी ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि "पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं। नियमित अध्ययन और श्रेष्ठ साहित्य का पठन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और सफलता की मजबूत नींव रखता है।" उन्होंने सभी विद्यार्थियों से प्रतिदिन कुछ समय पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने गुरुओं का सदैव सम्मान करेंगे, नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ेंगे तथा ज्ञान के माध्यम से अपने जीवन, विद्यालय और समाज को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।

गुरु पूर्णिमा एवं रीड-अ-थॉन का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और स्मरणीय रहा। ऐसे कार्यक्रम न केवल भारतीय संस्कृति के आदर्शों को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में आजीवन सीखने की भावना का भी विकास करते हैं।

 

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